Top News

भागवत कथा की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, शुकदेव जी के आगमन और परीक्षित जन्म का प्रसंग सुनाया। The devotees were moved after listening to the glory of Bhagwat Katha, the story of arrival of Shukdev ji and birth of Parikshit was narrated.

 भागवत कथा की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, शुकदेव जी के आगमन और परीक्षित जन्म का प्रसंग सुनाया। 


पलसूद। नगर में जायसवाल परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन व्यास पीठ से कथावाचक देवेंद्र शास्त्री ने भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को सही दिशा देता है। कथा के दौरान शुकदेव जी के आगमन, राजा परीक्षित के जन्म तथा सृष्टि की रचना का प्रसंग सुनाया गया।

कथा में बताया गया कि राजा परीक्षित पूर्व जन्म के कर्मों के प्रारब्ध के अनुसार सुख-दुख का अनुभव करते हैं। मनुष्य को अपने वर्तमान जीवन में अच्छे कर्म करते हुए भगवान का स्मरण और भक्ति करनी चाहिए। कथा व्यास ने शुकदेव जी के आगमन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि राजा परीक्षित ने जीवन के अंतिम समय में सांसारिक मोह छोड़कर भगवान की कथा का श्रवण किया।

इसके बाद भगवान की इच्छा से सृष्टि की रचना और जीवों की उत्पत्ति का वर्णन किया गया। कथा के प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा के बीच में मधुर भजनों का श्रद्धालुओं ने आनंद लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। प्रसादी का वितरण महेश जायसवाल की ओर से किया गया।



पलसूद से ओमप्रकाश गोले की रिपोर्ट 

Post a Comment

Previous Post Next Post