संयुक्त किसान मोर्चा, मध्य प्रदेश का प्रादेशिक सम्मेलन 2 अक्टूबर को गांधी हॉल, इंदौर में।
इंदौर। संयुक्त किसान मोर्चा, मध्य प्रदेश द्वारा प्रादेशिक सम्मेलन का आयोजन आगामी 2 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे से गांधी हॉल, इंदौर में किया जाएगा।
*संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जानकारी दी गई कि* गत 5 वर्षों से किसानों की एमएसपी की कानूनी गारंटी, संपूर्ण कर्जा मुक्ति, उपजाऊ भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगाने, जमीन की लूट बंद करने, बिजली संशोधन विधेयक और बीज विधेयक 2025 वापस लेने, भारत-अमरीका कृषि समझौता रद्द करने, 4 श्रम संहिताएं रद्द करने, मनरेगा बहाल करने, किसान पेंशन, भारत अमरीका ट्रेड डील रद्द करने, स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने आदि मुद्दों को लेकर देश भर में संघर्ष किया जा रहा है।
बताया गया कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में सन् 2020-21 में 380 दिन तक ऐतिहासिक किसान आंदोलन चला जिसमें 750 किसान शहीद हुए। किसानों को केंद्र सरकार द्वारा 9 दिसम्बर 2021 को दिया गया आश्वासन पत्र धोखा साबित हुआ। संयुक्त किसान मोर्चा के साथ देशभर में 550 किसान संगठन जुड़े हैं तथा सभी राज्यों में सक्रिय किसान संगठनों द्वारा राज्य स्तर से लेकर गांव तक नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने राष्ट्रीय स्तर पर पांच हड़ताल की है तथा दो राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों ने छात्र-छात्राओं के आंदोलन का भी सक्रिय समर्थन किया है। दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान मध्य प्रदेश में रीवा, इंदौर, सिवनी और ग्वालियर, मुरैना में पक्के मोर्चे लगाए गए। गत 5 वर्षों से संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठनों के तौर पर 35 संगठन जिला और राज्य स्तर पर सक्रिय हैं।
*सम्मेलन में इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी -*
1. बड़े बांधों से किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों को होने वाले नुकसान पर, विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर जमीन की लूट पर।
2. दूध, सब्जियों और सभी फसलों की एमएसपी तय कर ख़रीद करो।
3. बीमा कंपनियों की लूट बन्द करो।
4. आदिवासियों की बेदखली पर रोक लगाओ, वनाधिकार कानून 2005 लागू करो।
5. न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रोक लगाओ।
6. ई-टोकन सिस्टम स्थगित करो, सस्ती दर पर खाद, बीज उपलब्ध कराओ।
7. मध्य प्रदेश के जिन क्षेत्रों में कम बारिश हुई है उसे सूखाग्रस्त घोषित करो, एवं अतिवृष्टि, जलभराव से नष्ट फसल का मुआवजा दो।
8. नकली खाद, बीज, कीटनाशक का व्यापार करने वाले को कड़ी सजा दो।
9. आवारा, जंगली पशुओं का प्रबंधन।
*इसके साथ ही -*
1. किसानों की उपज का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित हो और सभी लंबित भुगतान का तत्काल निपटारा हो।
2. मूंग, सोयाबीन, मक्का, गेहूं सहित सभी फसलों की संपूर्ण उपज की MSP पर खरीद सुनिश्चित हो और MSP पर खरीद की सीमा समाप्त हो।
3. सरकारी खरीदी केंद्रों पर स्लॉट, तुलाई, ग्रेडिंग, गुणवत्ता जांच और बारदाने की समस्या खत्म कर खरीदी को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
4. कृषि मंडियों में किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा, अवैध कटौती और अनियमितताओं पर रोक लगे और दोषियों पर कार्रवाई हो।
5. दूध उत्पादकों के लंबित बोनस का तत्काल भुगतान हो।
6. फल-सब्जी उत्पादकों के लिए स्थायी बाजार, भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था हो।
7. किसानों को फसल लागत, बाजार भाव, MSP और सरकारी खरीदी की प्रमाणिक जानकारी समय पर मिले।
8. बड़े बाँधों से होने वाले नुकसान पर रोक और सिंचाई परियोजनाओं के नाम पर जमीन लूट बंद हो।
9. ई-टोकन सिस्टम समाप्त कर सस्ती दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराओ।
10. नकली खाद, बीज, कीटनाशक बेचने वालों को कड़ी सजा दो।
11. आवारा/जंगली पशुओं का प्रबंधन किया जाए।
*विशेष रूप से इंदौर जिले की माँगें -*
12. अहिल्या पथ और आउटर रिंग रोड योजना रद्द हो।
13. 628 किसानों का 7 साल से लंबित फसल बीमा तत्काल मिले।
14. 186 किसानों का मंडी निधि से बकाया भुगतान हो।
15. दूध का 12 रु/फैट भाव और सांची का 10-12 करोड़ बोनस तत्काल मिले।
संयुक्त किसान मोर्चा, मध्य प्रदेश ने सभी किसान, मजदूर साथियों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के साथ प्रादेशिक सम्मेलन में इंदौर पहुंचें।
*निवेदक: संयुक्त किसान मोर्चा, मध्य प्रदेश*
*संपर्क: 72238 82995, 79999 52909, 94254 72060, 79742 30090*


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