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सफाई कर्मचारियों की 8 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र,10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों का विनियमितीकरण, ठेका प्रथा बंद करने सहित विभिन्न मांगें उठाईं। A memorandum was submitted to the Chief Minister regarding the 8-point demands of the sanitation workers, various demands were raised including regularization of employees who have completed 10 years of service, stopping the contract system etc.

 सफाई कर्मचारियों की 8 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र,10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों का विनियमितीकरण, ठेका प्रथा बंद करने सहित विभिन्न मांगें उठाईं। 



मध्यप्रदेश। नगर निगम एवं नगर पालिका परिषदों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण और उनके सामाजिक एवं आर्थिक हितों की रक्षा के लिए जयस प्रदेश अध्यक्ष मध्यप्रदेश अंतिम मुझाल्दा ने मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र प्रदेश सरकार से 8 सूत्रीय मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।


अंतिम मुझाल्दा ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों को स्वच्छ रखने तथा आम नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे कठिन परिस्थितियों में दिन-रात मेहनत कर अपनी सेवाएं देते हैं, लेकिन इसके बावजूद अनेक कर्मचारियों को नियमितीकरण, उचित वेतन, रोजगार की सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।



उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के योगदान को देखते हुए सरकार को उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।


ये हैं सफाई कर्मचारियों की 8 प्रमुख मांगें


1. दस वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों का विनियमितीकरण: नगर निगम एवं नगर पालिका परिषदों में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सभी पात्र सफाई कर्मचारियों को विनियमित किया जाए।


2. विनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण: वर्तमान में विनियमित सफाई कर्मचारियों को नियमित कर नियमानुसार वेतन, भत्ते, पेंशन एवं अन्य पात्र सुविधाओं का लाभ दिया जाए।


3. चिकित्सा आधार पर अनफिट कर्मचारियों के परिवार को नियुक्ति: चिकित्सा आधार पर अनफिट घोषित किए गए सफाई कर्मचारियों के स्थान पर उनके परिवार के एक पात्र सदस्य को निर्धारित नियमों के अनुसार नियुक्ति प्रदान की जाए।


4. आउटसोर्स (ठेका) पद्धति बंद की जाए: सफाई कार्य में लागू आउटसोर्स व्यवस्था को तत्काल बंद कर कर्मचारियों को सुरक्षित रोजगार एवं उचित वेतन उपलब्ध कराया जाए।


5. सेवानिवृत्ति पर ₹10 लाख की आर्थिक सहायता: विनियमित सफाई कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय ₹10 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, जिससे वे सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।


6. ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर ₹50,000 की तत्काल सहायता: कार्य के दौरान किसी सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को तत्काल ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जाए। यह सुविधा मस्टर एवं विनियमित, दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए लागू की जाए।


7. मृत्यु अथवा सेवानिवृत्ति पर परिवार के पात्र सदस्य को नौकरी: सफाई कर्मचारी की मृत्यु अथवा सेवानिवृत्ति होने पर उसके परिवार के एक पात्र सदस्य को नियमानुसार नौकरी प्रदान करने की व्यवस्था की जाए, ताकि परिवार की आजीविका सुरक्षित रह सके।


8. दीपावली पर एक अतिरिक्त वेतन बोनस के रूप में दिया जाए: नगर निगम एवं नगर पालिका परिषदों में कार्यरत सभी पात्र सफाई कर्मचारियों को दीपावली के अवसर पर बोनस के रूप में एक अतिरिक्त वेतन प्रदान किया जाए।



अंतिम मुझाल्दा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि सफाई कर्मचारियों की इन आठ सूत्रीय मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना आवश्यक है।


उन्होंने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश सरकार सफाई कर्मचारियों के परिश्रम, समर्पण एवं योगदान को ध्यान में रखते हुए उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाए। 


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