बारिश थमी लेकिन किसानों की आगे अभी परेशानियां खड़ी है जहां खेतों में जल भराव देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है।
बड़वानी में लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश ने जहां किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई, वहीं अंजड़ इलाके में कुछ किसानों के लिए यही बारिश मुसीबत बन गई है
अंजड़ क्षेत्र में रातभर हुई बारिश के बाद खेतों में जलभराव हो गया है। कई खेतों में करीब दो फीट तक पानी जमा है, जिससे सैकड़ों एकड़ में लगी कपास की फसल खराब होने की आशंका है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।
ये तस्वीरें बड़वानी के अंजड़ क्षेत्र की हैं, जहां बारिश के बाद खेतों में पानी ही पानी नजर आ रहा है।
कई खेतों में करीब दो फीट तक पानी जमा हो चुका है और कपास की फसल पानी में डूबी हुई है
किसानों के मुताबिक पहाड़ी इलाकों से आने वाला बारिश का पानी इन्हीं खेतों से होकर गुजरता है। लेकिन पानी की निकासी के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं होने के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है
किसानों का कहना है कि खेतों में जमा पानी अगर अगले दो-तीन दिनों तक नहीं निकला और उसके बाद तेज धूप निकलती है, तो कपास की फसल के खराब होने की आशंका बढ़ जाएगी।
सैकड़ों एकड़ में लगी फसल पर संकट मंडरा रहा है
किसानों का कहना है कि चार महीने की मेहनत के बाद फसल तैयार हुई थी, लेकिन बारिश के पानी ने उनकी मेहनत पर पानी फेरने का खतरा पैदा कर दिया है। पहले से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे किसानों के सामने अब फसल खराब होने पर बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है
किसानों ने प्रशासन से खेतों में हुए जलभराव और फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। साथ ही नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने और बारिश के पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है
फिलहाल किसानों की नजर प्रशासन के सर्वे पर है। सवाल ये है कि खेतों में जमा पानी कब तक निकलता है और कपास की फसल को कितना नुकसान हुआ है ये आने वाले दिनों में साफ होगा
बाइट सत्यनारायण सफेद शर्ट पहने हुए किसान
बाइट कमल सिंह तोमर जामुनी कलर का शर्ट पहने हुए किसान
बाइट अंशुल पाटीदार सफेद टी-शर्ट पहने हुए किसान अंजड़ से देवेंद्र यादव
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