डायल 112 और थाना पाटी पुलिस की मानवीय पहल: अस्पताल में भटक रहे 3 मासूमों को 4 घंटे में परिजनों से मिलाया।
पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में हुई त्वरित कार्रवाई।
सोशल मीडिया व ग्रामीण सूचना तंत्र की मदद से कुण्डिया (पलसूद) के रहने वाले बच्चों को सकुशल सौंपा।
मध्य प्रदेश पुलिस की ‘डायल 112’ सेवा और थाना पाटी पुलिस की सजगता एवं मानवीय संवेदनशीलता के कारण तीन मासूम बच्चे किसी बड़े हादसे या अनहोनी का शिकार होने से बच गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पाटी में भटक रहे तीन लावारिस बच्चों को पाटी पुलिस ने महज 4 घंटे के भीतर उनके परिजनों से ढूंढकर सकुशल सुपुर्द कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
आज दिनांक 27 सितंबर 2026 को डायल 112 पर एक सजग नागरिक द्वारा सूचना दी गई कि पाटी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में तीन छोटे बच्चे लावारिस स्थिति में डरे-सहमे बैठे हैं। सूचना मिलते ही डायल 112 (FRV) और पाटी थाने की पुलिस टीम बिना समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंची।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और खोजबीन
* सुरक्षा एवं आत्मीयता: पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले बच्चों को दुलारा, उनका डर दूर किया और उन्हें अपनी सुरक्षात्मक कस्टडी में लिया।
* सूचना तंत्र एवं मुनादी: बच्चे काफी छोटे होने के कारण घर का सही पता बताने में असमर्थ थे। इस पर पाटी पुलिस ने अस्पताल स्टाफ, स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से पूछताछ की।
* डिजिटल व जमीनी नेटवर्क का उपयोग: थाना प्रभारी पाटी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आसपास के गांवों के सरपंच, सचिव, ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों और स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से बच्चों के फोटो व विवरण प्रसारित किए।
ऐसे मिले परिजन
सघन प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली और बच्चों के परिजनों की पहचान हो गई। पूछताछ में सामने आया कि बच्चे अपनी मां के साथ ग्राम कुण्डिया (थाना पलसूद) से अपने ननिहाल ग्राम पाटी आए थे। खेलते-खेलते बच्चे परिजनों की नजरों से ओझल होकर अस्पताल परिसर की ओर चले गए थे। परिजन भी उन्हें लेकर काफी चिंतित थे और लगातार तलाश कर रहे थे। चूंकि बच्चे दूसरे थाना क्षेत्र के थे, इसलिए स्थानीय लोगों के लिए उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा था।
आवश्यक पहचान पत्र, तस्दीक और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
परिजनों ने जताया आभार
अपने बच्चों को सही-सलामत सामने देखकर परिजनों के आंसू छलक पड़े। परिजनों एवं उपस्थित ग्रामीणों ने डायल 112 और पाटी पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और कार्यशैली के लिए बड़वानी पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया।
सराहनीय भूमिका
इस संपूर्ण त्वरित कार्रवाई में पाटी थाना प्रभारी उप-निरीक्षक रामदास यादव, उ.नि. जानी चारेल, प्र.आर. 697 विजय चौहान, म.प्र.आर. 208 अर्चना डावर, म.आर. 165 रंजना वास्कले, म.आर. 558 टीना मुजाल्दे एवं डायल 112 एफआरवी पायलट योगेश की सराहनीय एवं विशेष भूमिका रही।
बड़वानी से अब्दुल सादिक चन्देरी की रिपोर्ट


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