154 साल पुराने सांवलियाजी मंदिर में सजी महाप्रसादी की पंगत, आस्था और समरसता की अनूठी मिसाल।
बड़वानी। रानीपुरा स्थित 154 साल पुराने श्री सांवलियाजी मंदिर में आस्था और सामाजिक समरसता की अनूठी परंपरा देखने को मिलती है। यहां दीपावली बाद कार्तिक माह में प्रतिवर्ष अन्नकूट महाप्रसादी की पंगत आयोजित होती है।
राजस्थान के मंडफिया स्थित सांवरिया सेठ धाम के बाद मप्र में केवल बड़वानी के रानीपुरा में ही इस तरह की विशेष पंगत होती है। करीब 100 साल से चली आ रही इस परंपरा में सर्व ब्राह्मण समाज, दशोरा महाजन और बीसा नीमा महाजन समाज की अलग-अलग दिनों में सहभागिता रहती है।
इसी क्रम में इस वर्ष पहली पंगत 1 नवंबर 2026, रविवार शाम 7 बजे गौड़ मालवीय ब्राह्मण धर्मशाला में हुई। मेजबानी खरगोन निवासी प्रदीप कानूनगो, सौ. मीना कानूनगो एवं परिवार ने की। गुड़ की मीठी थूली और चवला-भाजी की प्रसादी विशेष आकर्षण रही।
मेजबानी के लिए कई परिवारों को 7-8 साल तक इंतजार करना पड़ता है। श्रद्धालु आत्मीय भाव से निमंत्रण देते हैं - ‘आओ, सांवलिया जी ने बुलाया है, पंगत में पधारो सा...’
बड़वानी से अब्दुल सादिक चन्देरी कि रिपोर्ट



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