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मक्का में जिले के हाजियों ने अदा की जुमे की नमाज, भारत में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआएं। Hajis of the district offered prayers in Mecca, prayers for peace and happiness in India


मक्का में जिले के हाजियों ने अदा की जुमे की नमाज, भारत में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआएं




ख्यात लेखक-पत्रकार व रिटायर्ड बैंकर्स अब्दुल अज़ीज़ मंसूरी ने दिए अनुभव को बड़वानी से समाजसेवी सादिक़ चन्देरी एवं असद साहब द्वारा,जिला बड़वानी म.प्र. की मीडिया को साझा किया




*इस वर्ष बड़वानी जिले से 147 हाजी हुए रवाना*



बड़वानी।

पवित्र हज यात्रा का आगाज़ सऊदी अरब में हो चुका है और जिले के 147 महिला-पुरुष हाजी इस बार इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल हुए हैं। शुक्रवार को इस्लामी कैलेंडर के अंतिम माह जिल-हिज्जा के पहले जुमा पर, मक्का शरीफ में हजारों की तादाद में जमा हाजियों ने जुमे की नमाज अदा की और पूरी दुनिया में अमन-चैन, भाईचारा, स्वास्थ्य और तरक्की की दुआएं मांगी।




इस दौरान जिले के ख्यात लेखक, पत्रकार और रिटायर्ड बैंकर्स अब्दुल अज़ीज़ मंसूरी (बोरलाय) अपनी धर्मपत्नी के साथ हज यात्रा के अरकान अदा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मदीना शरीफ की जियारत के बाद हाजी मक्का पहुंचे हैं। आज जुमे की नमाज इमाम साहब की अगुवाई में खाना-ए-काबा में अदा की गई, जिसमें भारत के हाजियों की बड़ी भागीदारी रही। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और देश के लिए दुआ की।



सुरक्षा और व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त

मंसूरी ने जानकारी दी कि इस वर्ष अरब शासन ने हज यात्रा के प्रबंध को लेकर उच्च स्तरीय तैयारियाँ की हैं। बीते वर्षों में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, इस बार मिना और अराफात में विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। हाजियों की सुविधा हेतु जगह-जगह एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई है। इस बार सीमित संख्या में 20 लाख हाजियों को हज की अनुमति दी गई है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 44 लाख थी।


सुबह 6 बजे से ही पहुंचने लगे हाजी

जुमे की नमाज जोहर से पूर्व अदा की जाती है, इस कारण सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए हाजियों को सुबह 6 बजे तक हरम शरीफ (काबा) पहुँचने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सभी रास्ते बंद कर दिए गए और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा वीजा-पासपोर्ट सहित सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी गई।


आज से हज के अरकान शुरू

मंसूरी ने बताया कि 31 मई से हज के मुख्य अरकान की शुरुआत हो रही है। इस दौरान हाजी एहराम पहनकर तवाफ, सई, अराफात में वुकूफ़, मिना में ठहराव, शैतान को पत्थर मारने और कुर्बानी जैसे कार्य पूरे करेंगे। इस अवधि में हरम शरीफ तक बस सेवाएं बंद रहेंगी और यात्री निजी टैक्सियों के माध्यम से ही आ-जा सकेंगे।


*फोटो विवरण:*

मक्का शरीफ में जुमे की नमाज के पश्चात मौजूद बड़वानी जिले के हाजी, लेखक-पत्रकार अब्दुल अज़ीज़ मंसूरी व अन्य।

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