बड़वानी: भू अर्जन एवं पुनर्वास कार्यालय का घेराव, पुनर्वास की मांग को लेकर सत्याग्रह जारी।
बड़वानी। सरदार सरोवर प्रभावितों के संपूर्ण पुनर्वास की मांग को लेकर मंगलवार को भू अर्जन एवं पुनर्वास कार्यालय बड़वानी का घेराव कर अहिंसक सत्याग्रह किया गया।
सत्याग्रह सुबह 11 बजे से शाम 6.30 बजे तक चला। इस दौरान भू अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी श्री भूपेंद्र रावत, तहसीलदार श्री राहुल चौहान, एनवीडीए से जोमरिया जी और आंदोलन की ओर से मेधा पाटकर व राहुल यादव के बीच लंबी चर्चा हुई। आंदोलनकारियों ने घोषणा की है कि बुधवार सुबह 10 बजे से आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।
आंदोलन में बड़वानी सहित अलीराजपुर, धार, खरगोन जिले के विविध भू-धारक, भूमिहीन, विस्थापित, किसान, मजदूर, मछुआरे, नाविक, आदिवासी-दलित समुदाय के प्रतिनिधि शामिल रहे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि मध्यप्रदेश में 41 साल के अहिंसक आंदोलन में संवैधानिक अधिकार मिले हैं, लेकिन अभी भी हजारों परिवारों का पुनर्वास अधूरा है। कानून के अनुसार डूब प्रभाव से 6 माह पूर्व संपूर्ण पुनर्वास की शर्त का उल्लंघन हो रहा है। भोपाल, इंदौर, जिला स्तर पर आवेदन लंबित हैं और जीआरए के आदेशों पर भी अमल नहीं हुआ है।
*प्रमुख मांगें जिन पर लिखित जवाब मांगा गया है:*
टीनशेड में 2019 से रह रहे परिवारों पर लिखित निर्णय, पिछोड़ी के परिवारों को जामदा-पिछोड़ी-सिरसानी में पुनर्वास, धार तहसील के आदिवासी परिवारों को तय 60 लाख अनुदान का लिखित आदेश, बड़वानी के 1499 और मनावर के 700+ विस्थापितों को छोटे भूखंड आवंटन की सूची, राजघाट दुकानदारों को कसरावद रोड पर भूखंड, कुकरा के 22 परिवारों की गुजरात में गैर काश्तकारी जमीन का निराकरण, जांगरवा के 15 परिवारों को शासकीय भूखंड पर अधिकार, खार्या भादल, अमलाली, बिजासन, पिपरी गांव, छोटा बड़दा केवट समाज, 31 मत्स्य सहकारी समितियों के संघ पंजीयन, बुनियादी सुविधाएं, बैक वाटर लेवल पुनरीक्षण, अवैध रेत खनन, क्रूज टेंडर, नर्मदा लिंक परियोजनाओं की रिपोर्ट और शराबबंदी पर जवाब।
आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी और आयुक्त महोदय से नर्मदा घाटी में आकर बैठक करने तथा भोपाल-इंदौर में लंबित फाइलों पर निर्णय की मांग की है।
*- सत्याग्रही:* धनराज आवास्या, सेवंती बाई, कोरजी यादव, दीपक केवट, राहुल यादव, मेधा पाटकर, श्यामा मछुआरा, कैलाश यादव, कमला यादव
*- रिपोर्ट: अब्दुल सादिक चंदेरी, बड़वानी*







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