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पानसेमल में सातवें दिन बप्पा को विदाई, रातभर झांकियों ने बांधा समां। Farewell to Bappa on the seventh day in Pansemal, tableaux kept the atmosphere alive throughout the night.

 पानसेमल में सातवें दिन बप्पा को विदाई, रातभर झांकियों ने बांधा समां। 



नमस्कार, आप देख रहे हैं KBS TV NEWS। पानसेमल में गणेश उत्सव के सातवें दिन भगवान गणेश की प्रतिमाओं को भावभीनी विदाई दी गई। महाराष्ट्र की परंपरा की तर्ज पर पानसेमल में वर्षों से सातवें दिन ही बप्पा के विसर्जन की परंपरा चली आ रही है।


विसर्जन से पहले शहर के मुख्य मार्ग पर भव्य झांकियों का कारवां निकला। ढोल-ताशों की गूंज, रंग-बिरंगी रोशनी और गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय नजर आया। झांकियों का सिलसिला तड़के करीब 5 बजे तक चलता रहा।


पानसेमल में यह परंपरा करीब चार पीढ़ियों से चली आ रही है। इस बार भी विभिन्न गणेश समितियों ने आकर्षक झांकियां तैयार कीं। श्री अष्टविनायक ग्रुप, जलगोन रोड पानसेमल की झांकी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। युवाओं ने आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।


बारिश नहीं होने के कारण आयोजकों ने वॉटरप्रूफ शेड के बजाय थर्माकोल, कपास, रंग-बिरंगे कपड़ों और पीओपी से झांकियों को सजाया। आकर्षक लाइटिंग ने इनकी खूबसूरती और बढ़ा दी।


शहर में करीब 36 प्रमुख स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। महाराष्ट्र सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पानसेमल की झांकियां देखने पहुंचे। सात दिनों तक पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और समितियों की ओर से प्रसादी व भोजन की व्यवस्था की गई।


सातवें दिन ढोल-ताशों और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने नम आंखों से विघ्नहर्ता को विदाई दी और अगले बरस फिर आने की कामना की।


पानसेमल से महेंद्र सिंह बरडे की रिपोर्ट

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