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मनोरोग के कारण पांच वर्ष से गुमशुदा पुत्र को आशा आश्रय ने पिता से मिलाया Asha Ashray reunited the missing son for five years due to mental illness with his father.

 मनोरोग के कारण पांच वर्ष से गुमशुदा पुत्र को आशा आश्रय ने पिता से मिलाया

बड़वानी 23 नवंबर 2022/ किसी पिता के लिए इससे अच्छी भला क्या बात हो सकती है जब वर्षों से गुमशुदा पुत्र उन्हें मिल जाए। और वह भी स्वस्थ हालत में यह सब संभव हो पाया है आशाग्राम ट्रस्ट द्वारा संचालित निराश्रित मानसिक रोगियों के आशा आश्रय गृह में जहां पांच वर्ष से निमरानी क्षेत्र के ढाबे में कार्यरत पिता से उसका इकलौता पुत्र संजू की मनो स्थिति ठीक नहीं होने के कारण घर से निकल गया था। मनोरोगी संजू के पिता बताते हैं कि मैंने अपने पुत्र के जीवित होने की आस छोड़ दी थी किंतु आशा आश्रय की टीम ने मेरे पुत्र का समुचित उपचार कर पुत्र के माध्यम से बताए गए पते पर खोजबीन कर मुझे अपने पुत्र के सकुशल होने की सूचना दी। जिस पर आज में उसे अपने घर ले जाने के लिए आया हूं। वही कुक्षी के मनो उपचारित श्री सचिन भावसार को भी बड़े भाई और पिता के सुपुर्द किया गया जो दो माह पूर्व आशा आश्रय में उपचार के लिए लाया गया था। आशा आश्रय गृह से उप निरीक्षक श्री अमर सिंह अलावा की उपस्थिति में आशा ग्राम ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं एवं न्यासी व आश्रय ग्रह के संचालक श्री राजेंद्र सोनी व सामाजिक न्याय निशक्तजन कल्याण के प्रतिनिधि श्री देवेंद्र पंडित की उपस्थिति में साल श्रीफल भेंट कर परिवार के साथ मनो उपचारित सदस्यों की विदाई की गई। निराश्रित मनो रोगियों को संपूर्ण उपचार के बाद परिजनों को खोज कर उनका परिवार में पुनर्वास किया जाता है। 

 यह प्रक्रिया निरंतर कलेक्टर एवं अध्यक्ष आशा ग्राम ट्रस्ट श्री शिवराज सिंह वर्मा के मार्गदर्शन में साकार हो रही है। चैकसी वाला ज्वेलर्स के समन्वय से आशाग्राम ट्रस्ट द्वारा संचालित आशा आश्रय में निराश्रित मनो रोगियों का निशुल्क उपचार मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर राहुल पाटीदार के द्वारा किया जाता है। वही आश्रय गृह की टीम पारिवारिक माहौल में परामर्श कौशल से मनोरोगयों से उनके परिजनों की जानकारी प्राप्त कर उनका परिवार में पुनर्वास सुनिश्चित करवाते हैं। इस दौरान श्री मनीराम नायडू,श्री समाधान पाटील, श्रीमती शीतल भावसार उपस्थित थे।



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