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पदकों की झड़ी लगाने वाली भार्गवी सिंह ने फिर रचा इतिहास, जिला स्तर पर गोल्ड जीतकर राज्य के लिए चयनित। Bhargavi Singh, who won a string of medals, created history again by winning gold at the district level and getting selected for the state.

पदकों की झड़ी लगाने वाली भार्गवी सिंह ने फिर रचा इतिहास, जिला स्तर पर गोल्ड जीतकर राज्य के लिए चयनित।



थांवला। कहते हैं कि सफलता किसी एक मुकाबले का परिणाम नहीं होती, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और लगातार संघर्ष का नतीजा होती है। थांवला की ताइक्वांडो खिलाड़ी भार्गवी सिंह की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। छोटी उम्र से ताइक्वांडो को अपना जुनून बनाने वाली भार्गवी ने अब एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। 70वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने राज्य स्तर के लिए चयन हासिल किया है।

भेरूंदा ब्लॉक के मांडल जोधा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में भार्गवी सिंह ने 52 से 55 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। मुकाबलों में उनके आत्मविश्वास, तकनीक और खेल कौशल ने सभी का ध्यान खींचा। भार्गवी थांवला के किड्स कॉर्नर चिल्ड्रन एकेडमी सेकेंडरी इंग्लिश मीडियम स्कूल की छात्रा हैं और अब तक ताइक्वांडो में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। भार्गवी नेशनल ताइक्वांडो खिलाड़ी और सेकंड डैन ब्लैक बेल्ट हैं। उनके नाम अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में 30 स्वर्ण ,2 रजत और 2 कांस्य पदक दर्ज हैं।


साढ़े चार साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड


भार्गवी के खेल सफर की खास बात यह है कि उन्होंने बेहद कम उम्र में ताइक्वांडो में अपनी पहचान बना ली थी। महज साढ़े चार वर्ष की उम्र में कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल कर उन्होंने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया था, जो उनके खेल सफर की असाधारण उपलब्धियों में शामिल है। लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के चलते भार्गवी ने जिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उनके खेल सफर में लगातार बढ़ता पदक संग्रह उनकी मेहनत और समर्पण की कहानी बयां करता है।


परिवार और कोच का मिला लगातार साथ


भार्गवी की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का सहयोग और उनके कोच मनोज परिहार और

सोहेल खान का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है। नियमित अभ्यास, फिटनेस, तकनीकी प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में लगातार भागीदारी ने उनके खेल को नई ऊंचाइयां दी हैं। अब जिला स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद भार्गवी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में नागौर का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी इस उपलब्धि पर किड्स कॉर्नर चिल्ड्रन एकेडमी के निदेशक, प्रधानाचार्य, शिक्षक, परिवार और क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

भार्गवी की कहानी सिर्फ पदकों की संख्या तक सीमित नहीं है। साढ़े चार साल की उम्र में रिकॉर्ड बनाने से लेकर सेकंड डैन ब्लैक बेल्ट, 30 स्वर्ण पदक और अब राज्य स्तर के चयन तक का सफर थांवला की इस बेटी के जुनून, अनुशासन और लगातार मेहनत की मिसाल बन चुका है।

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