बड़वानी जेल में बहनों ने भाइयों को बांधी राखी कैदियों ने अपराध पर जताया अफसोस; जेल प्रशासन ने की विशेष व्यवस्था।
बड़वानी केंद्रीय जेल में आज शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व पर विशेष मुलाकात कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं और उनकी जल्द रिहाई के लिए प्रार्थना की। जेल अधीक्षक शेफाली तिवारी ने बताया कि यह कार्यक्रम बंदियों और उनके परिजनों के बीच पारिवारिक संबंध बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। आज दोपहर 1 बजे के दरमियान बताया गया कि जेल प्रशासन ने बहनों और महिला परिजनों के लिए राखी बांधने की विशेष व्यवस्था की थी। रक्षाबंधन के अवसर पर जेल पहुंची बहनों एवं महिला परिजनों को निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मापदण्डों के अनुसार मुलाकात की अनुमति प्रदान की गई। प्रत्येक आगंतुक के पहचान पत्र-आधार कार्ड का परीक्षण किया गया तथा नियमानुसार तलाशी एवं आवश्यक सुरक्षा जांच की गई। मुलाकात स्थल पर विशेष सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई।उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के लिए जेल परिसर में विशेष विक्रय केन्द्र की व्यवस्था की गई, जिसके माध्यम से आगंतुकों को अनुमत सामग्री क्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। प्रत्येक आगंतुक को अधिकतम 250 ग्राम मिठाई, राखी, नारियल एवं अन्य आवश्यक सामग्री क्रय करने की अनुमति दी गई। जेल प्रशासन द्वारा दीपक एवं तिलक सहित पूजा की थाली निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। सुरक्षा की दृष्टि से बाहरी खाद्य सामग्री, मोबाइल फोन, अथवा अन्य प्रतिबंधित सामग्री को जेल परिसर में लाने की अनुमति नहीं दी गई। मुलाकात स्थल पर विशेष निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था के साथ पूरे कार्यक्रम को अनुशासित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संचालित किया गया। रक्षाबंधन के अवसर पर अपने बंदी भाई अथवा परिजन से मुलाकात हेतु जेल पहुंचे बच्चों के लिए जेल प्रशासन द्वारा विशेष मानवीय पहल की गई। उपस्थित बच्चों को जेल प्रशासन की ओर से नोटबुक, पेन, पेंसिल, रबर, शार्पनर, टॉफी एवं स्केच पेन उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। महेश्वर निवासी कैदी पप्पू, जो हत्या के एक मामले में पिछले 14 साल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, ने भी अपनी बहनों से राखी बंधवाई। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से परिवार से दूर रहने के बाद आज परिजनों और बहनों से मिलकर अच्छा लगा, लेकिन जेल जैसे स्थान पर परिवार का आना उन्हें ठीक नहीं लगता। पप्पू ने अपने अपराध पर गहरा अफसोस जताते हुए कहा कि वह अब दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "अपराध मैंने किया है, 14 साल की सजा भी मैंने काटी है, लेकिन मेरा परिवार भी परेशान हो रहा है। मेरे भाई-बहन, माता-पिता सब लोग परेशान हैं।"उन्होंने वचन लिया कि वह जीवन में ऐसा कोई अपराध नहीं करेंगे जिससे उनका परिवार परेशान हो। पप्पू ने उम्मीद जताई कि इस साल उनकी सजा पूरी हो जाएगी और वह जल्द ही घर लौटकर अगले साल अपने परिवार के साथ धूमधाम से रक्षाबंधन मनाएंगे। उन्होंने अपनी पुश्तैनी खेती संभालने और परिवार का ध्यान रखने का संकल्प लिया।
Byte- पप्पू (जेल में बंद कैदी)
Byte- शेफाली तिवारी (जेल अधीक्षक) अंजड़ से देवेंद्र यादव
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