श्रावणी पर्व मनाया, जनेऊ धारण किए,340 परिजनों की उपस्थिति में आयोजन हुआ,ग्रामीण क्षेत्रों से उपस्थित परिजनों ने व्यसन मुक्ति का संकल्प किया।
सेंधवा के ग्राम झिरीजामली प्रज्ञा पीठ पर गायत्री परिवार ट्रस्ट साली टांडा के प्रबंधन ट्रस्टी श्री नरेंद्र जी डावर की टोली द्वारा श्रावणी पर्व पूजन संस्कार वैदिक मंत्रोच्चार से संपन्न कराया। इस अवसर पर पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ में श्री प्रकाश नरगावे ने उपस्थित परिजनों से जनेऊ धारण करा कर सबके कल्याण,समाज निर्माण की भावनाओ को लेकर श्रृद्धा के साथ यज्ञ में आहुतियां प्रदान कराई गई। जिला समन्वयक विक्रम जमरे ने विचार व्यक्त करते हुए बताया की हमारी ऋषि परंपरा अनुसार श्रावणी पर्व पर पुराना यज्ञोपवित बदल कर नया धारण कराया जाता है।प्रायश्चित संकल्प को पड़ कर ऋषि पूजन वेद पूजन कर यज्ञोपवित का नवीनीकरण कर वार्षिक संस्कार मनाए जाने की परंपरा को हम सब निभाते है। हमारे आदिवासी भाई बहनों द्वारा व्यसन मुक्त के साथ मांस के सेवन को भी त्याग करने के संकल्प पावन अवसर पर होते है। पवित्र पर्व पर दस स्नान,हेमाद्रि संकल्प तर्पण का क्रम भी कराया गया 7 नए परिजनों ने संस्कार में भागीदारी कर अपने आचरण विचरण में परिवर्तन का संकल्प किया। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित श्रावणी पर्व जिले के शक्तिपीठ, प्रज्ञा पीठो पर परिजनों द्वारा संपन्न कराया गया। 340 ग्रामीण अंचल के भाई बहनों की भागीदारी में सफल आयोजन भोजन प्रसादी ग्रहण कर हुआ। कार्यक्रम में विजय कनोजे,सखाराम नरगावे, धरम सिंह पटेल, धानसिंग बादले, कमेश सोलंकी और प्रज्ञा पीठ झिरीजामली का सहयोग रहा। संचालन प्रकाश नरगावे द्वारा किया गया।आभार पर्वत मोरे ने माना।
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